Poonam Mahajan ने लोकसभा में उठाई पशुओ की आवाज़।

Poonam Mahajan ने लोकसभा में BN (2nd) Sanhita, NS (2nd) Code and Evidence (2nd) Bill, 2023 पर अपनी राय देने के लिए जानवरो का मुद्दा चुना। पूरे सदन में मात्र एक ही सांसद ने जानवरों पर यौन उत्पीड़न से संबंधित मामलों के लिए कड़ी सजा शामिल करने का अनुरोध किया। 

Poonam Mahajan


Poonam Mahajan ने क्या कहा ?

लोकसभा में BN (2nd) Sanhita, NS (2nd) Code and Evidence (2nd) Bill, 2023. पर बोलते हुए Poonam Mahajan ने पशुओ की आवाज़ को उठाया। उन्होंने सभापति महोदय को नमस्कार करते हुए कहा सदन में बैठे मेरे साथी कोई कुछ मुद्दा उठा रहा है, कोई कुछ, हर वर्ग के व्यक्ति के लिए कोई न कोई आवाज़ उठाने वाला है लेकिन मै उनके लिए बोलना चाहती हूँ जो बोल नहीं सकते वो है "मासूम जानवर"
इसके आगे उन्होंने कहा की भारत की संस्कृति और विचारधारा सभी को साथ में लेकर चलती है। उन्होंने हिन्दू संस्कृति का उदाहरण देते हुए यह भी कहा की हमारे सभी भगवान् प्राणियों (पशुओ ) को साथ में रखते है, गाय को हम पूजते है। इससे आगे अपनी बात रखते हुए पूनम महाजन ने कहा की धारा 377 को स्ट्राइक डाउन किया लेकिन वो आधा किया गया था। उन्होंने कहा की जानवरो पर लैंगिग अत्याचार होते है। उसके लिए धारा 377 BNS पर नहीं है मतलब की BNS में पशुओ पर होने वाले लैंगिग अत्याचार के लिए कोई प्रावधान नहीं है इसके लिए उन्होंने मांग की ये प्रावधान जल्द से जल्द लाया जाए और  जानवरों पर यौन उत्पीड़न से संबंधित मामलों के लिए कड़ी सजा शामिल करने का अनुरोध किया।
Poonam Mahajan जी ने बहुत अच्छे तरीके से पशुओ की आवाज़ को सदन में उठाया। इस प्रावधान को लाने के लिए पेटा इंडिया भी कार्यरत हैं।


PETA India ने इस मामले को मजबूती से उठाया 

PETA India ने भी जानवरों के यौन शोषण को अपराध घोषित करने के लिए संशोधित BNS विधेयक की विफलता के खिलाफ आवाज उठाई

प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भारतीय पशु कल्याण बोर्ड को लिखे पत्रों में, PETA India ने भारतीय न्याय (द्वितीय) में जानवरों के खिलाफ यौन शोषण के कृत्यों को अपराध मानने वाले एक महत्वपूर्ण प्रावधान के बहिष्कार पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। पेटा इंडिया ने भी संसद के सभी सदस्यों को तत्काल अपील भेजकर आग्रह किया है कि वे बीएनएस में एक प्रासंगिक प्रावधान शामिल करके यौन हिंसा के खिलाफ जानवरों की निरंतर सुरक्षा की मांग करें। PETA India द्वारा दिए गए अभ्यावेदन के आधार पर और PSCOHA अध्यक्ष श्री बृज लाल के साथ एक बैठक के बाद, समिति ने सिफारिश की कि बीएनएस में जानवरों के खिलाफ यौन शोषण के कृत्यों को दंडित करने के प्रावधान शामिल हैं। बीएनएस भारतीय दंड संहिता, 1860, (आईपीसी) को प्रतिस्थापित करने के लिए तैयार है और इसे 12 दिसंबर 2023 को लोकसभा में फिर से पेश किया गया था।

IPC की धारा 377 वर्तमान में जानवरों के खिलाफ यौन हिंसा को दंडित करती है, लेकिन BNS विधेयक में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है जो जानवरों को समान सुरक्षा प्रदान करता हो। IPC की धारा 377 किसी जानवर के साथ बलात्कार को गैर-जमानती अपराध मानती है और इसके लिए "आजीवन कारावास, या किसी एक अवधि के लिए कारावास, जिसे दस साल तक बढ़ाया जा सकता है, की सजा का प्रावधान है और जुर्माना भी लगाया जा सकता है।" .

सर्वाधिक ट्रेंडिंग और वायरल खबरें देखें यहां क्लिक करें










एक टिप्पणी भेजें

और नया पुराने